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Rahu Kaal Ka – Tandava

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Product Description

कुछ भी अजब व गजब कर स्वयं को सर्वश्रेष्ठ घोषित करने तथा पाखण्ड फैलाकर लोगो की आस्था को बेचने वाले ज्योतिषियो के मानसिक विकार का फल है राहुकाल। राहु के नाम पर भिन्न भिन्न भ्रांतियों को फैलाकर ये लोग मात्र धन दोहन कर रहे है। जबकि वास्तविकता यह है कि 24 घंटे में ऐसा कोई भी समय नही जिसका स्वतंत्र अधिपति राहु हो। यह विचारणीय तथ्य है कि जब राहु की उत्पत्ति ही सूर्य व चंद्रमा के मार्ग के प्रतिच्छेदन पर निर्भर करता है तो इसके स्वतंत्र अस्तित्व की बात सत्य से परे है। अर्थात 24 जानते में एक पल भी ऐसा नहीं होता जिसका स्वतंत्र रूपसे स्वामी राहु हो। यह सोचने का विषय है कि जब राहु व केतु का नहीं कोई अपना गुणधर्म है और नहीं वे जीवन के किसी भी पक्ष के करक है। यहाँ तक की ये द्वादश राशियों में किसी भी राशि का स्वामित्व नहीं रखते तो ये कैसे दिन के किसी कालखंड को नियंत्रित कर सकते है ?

Product Information

Product TypeBooks
Price (excl. tax)₹250.00
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Tax₹0.00
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Tags Best Seller, New Arrival
Author Pandit Rajesh Tiwari
Pages 199
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